नई दिल्ली | केंद्र सरकार ने देश में यूरिया उत्पादन बढ़ाने की झमता बढ़ने वाली है. बता दें कि जल्द ही दो नए यूरिया संयंत्रों में उत्पादन शुरू होने वाला है. इन दोनों संयंत्रों की कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता 25.4 लाख टन होगी जिससे देश की यूरिया जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और आयात पर निर्भरता कम होगी. रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अनुसार भारत ने वित्त वर्ष 2025- 26 के दौरान 100 लाख टन से अधिक यूरिया का आयात किया है.

बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार घरेलू उत्पादन क्षमता में लगातार विस्तार कर रही है ताकि किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके. मंत्रालय ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद से अब तक देश में छह नए मेगा यूरिया संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं.
आयात बिल में आएगी कमी
इन संयंत्रों की कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता 76.2 लाख टन है. नए संयंत्रों के शुरू होने से देश की कुल उत्पादन क्षमता में और वृद्धि होगी. घरेलू उत्पादन बढ़ने से आयात बिल में कमी आएगी. साथ ही, वैश्विक बाजार में कीमतों के उतार- चढ़ाव का असर भी कम होगा. इससे उर्वरक आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी और किसानों को बेहतर लाभ मिल सकेगा.
किसानों को राहत
केंद्र सरकार आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर दे रही है. इसी रणनीति के तहत नए संयंत्रों की स्थापना और पुरानी इकाइयों के आधुनिकीकरण का काम लगातार जारी है. फिलहाल, इस खबर से किसानों को बड़ी राहत मिली है.
