चंडीगढ़ | हरियाणा के विकास एवं पंचायत विभाग में पदोन्नति पाने वाले 10 ग्राम सचिवों को अभी तक अपने नए पद का पूरा लाभ नहीं मिल पाया है. विभाग ने साल के पहले दिन इन कर्मचारियों को ग्राम सचिव से सोशल एजुकेशन एंड पंचायत ऑफिसर (एसईपीओ) पद पर पदोन्नत करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन 5 महीने बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है. जानकारी के अनुसार, पदोन्नति मिलने के बावजूद इन अधिकारियों को अभी तक एसईपीओ के पद पर नियमित तैनाती नहीं दी गई है.

सभी अधिकारी फिलहाल बीडीपीओ कार्यालयों में ही काम कर रहे हैं. दरअसल, जिन स्थानों पर इन्हें भेजा जाना है वहां पहले से एसईपीओ के पद भरे हुए हैं. ऐसे में पदोन्नति का लाभ केवल कागजों तक सीमित होकर रह गया है.
हरियाणा के अटकी पदोन्नति
इन अधिकारियों को पदोन्नति के बाद मिलने वाला संशोधित वेतन भी अभी तक नहीं मिला है. पिछले 5 महीनों से वेतन संबंधी लाभ लंबित पड़े हैं. इससे कर्मचारियों में खासा नाराजगी देखने को मिल रही है. विभाग द्वारा जारी आदेशों में कहा गया था कि सूची में शामिल पहले 5 अधिकारियों को 20 जुलाई 2021 से पदोन्नत माना जाएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि उनके जूनियर अधिकारियों को उसी तारीख को पदोन्नति मिल चुकी थी. वहीं, बाकी 5 अधिकारियों की पदोन्नति उनके नए पद का कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी मानी जानी थी.
5 महीने बाद भी नहीं मिला लाभ
जिन कर्मचारियों को ग्राम सचिव से सोशल एजुकेशन एंड पंचायत ऑफिसर (एसईपीओ) बनाया गया है, उनमें रामस्वरूप, रामलाल, चमन प्रकाश, हरदीप, रामप्रताप, पवन कुमार, सुखवीर सिंह, बलकार सिंह, रोहित कुमार और रमेश कुमार शामिल हैं. अब संबंधित कर्मचारियों को उम्मीद है कि विभाग जल्द ही उनकी तैनाती और वेतन से जुड़े मामलों का समाधान करेगा ताकि उन्हें पदोन्नति का लाभ मिल सके.
