गुरुग्राम | हरियाणा के गुरुग्राम के मानेसर में सड़कों को हराभरा और धूल मुक्त बनाने के लिए नगर निगम ने नई योजना तैयार की है. इसके तहत, ग्रीन बेल्ट और सेंट्रल वर्ज के रखरखाव में एसटीपी के संशोधित पानी का उपयोग किया जाएगा. अधिक धूल वाले इलाकों में एंटी स्मॉग टावर लगाने और नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने की व्यवस्था भी की जाएगी. नगर निगम आयुक्त प्रदीप सिंह ने निगम क्षेत्र की विभिन्न सड़कों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के मानकों के अनुसार सड़कों और ग्रीन बेल्ट का विकास किया जाए.

उन्होंने कहा कि गांव रामपुरा से पटौदी रोड, वाटिका चौक से पटौदी रोड और एम3एम गैलरी सोसायटी से गांव नौरंगपुर वाया शिकोहपुर रोड तक की ग्रीन बेल्ट और सेंट्रल वर्ज को विकसित किया जाएगा.
आधुनिक डिजाइन देने पर विचार
आयुक्त ने बताया कि इन परियोजनाओं के लिए HSVP और GMDA से NOC ली जाएगी. इसके बाद, नगर निगम अपने स्तर पर विकास कार्य करेगा. साथ ही, निजी कंपनियों, NGO, आवासीय सोसायटियों और बिल्डरों से सीएसआर फंड के माध्यम से सहयोग लेने की योजना है. दादी सती चौक, जय सिंह चौक, बाबा कनाला चौक और राव हुकम चंद चौक का भी सौंदर्यीकरण किया जाएगा. इन चौकों को चंडीगढ़ की तर्ज पर आधुनिक डिजाइन के साथ विकसित करने की तैयारी है. इससे शहर की सुंदरता बढ़ने के साथ- साथ यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी.
प्रदूषण होगा नियंत्रित
मानेसर नगर निगम क्षेत्र में एचएसवीपी की सड़कों पर बने बड़े गोल चक्करों को भी नए स्वरूप में तैयार किया जाएगा. करीब 35 किलोमीटर लंबी ग्रीन बेल्ट और सेंट्रल वर्ज को सीएसआर के तहत विकसित करने की योजना बनाई गई है. इसके लिए विभिन्न संस्थाओं और संगठनों को भागीदारी के लिए आमंत्रित किया जाएगा. धूल प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए नगर निगम एंटी स्मॉग टावर लगाने की दिशा में भी काम करेगा. साथ ही एंटी स्मॉग गन के जरिए सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव किया जाएगा. आयुक्त प्रदीप सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आवश्यकता के अनुसार नई एंटी स्मॉग गन खरीदी जाएं और उनका नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाए.
