चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है. इसी कड़ी में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कई अहम जानकारियां साझा की हैं. उन्होंने बताया कि राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए 766 नए स्वास्थ्य संस्थानों को मंजूरी दी गई है. इसके अलावा, 104.16 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य भी चल रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें किसी प्रकार का कोई तकलीफ ना हो.

सरकारी अस्पतालों में साफ- सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को पीपीपी मोड पर लागू करने की तैयारी की जा रही है. इससे अस्पतालों में आने वाले मरीजों के साथ- साथ डॉक्टरों और अन्य मेडिकल स्टाफ को भी बेहतर माहौल और सुरक्षा मिल सकेगी.
नई तकनीकों का हो रहा इस्तेमाल
आरती सिंह राव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए नई तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. प्रदेश के अस्पतालों में टेली-ईसीजी सेवा का विस्तार किया जा रहा है, जिससे मरीजों की जांच और इलाज की प्रक्रिया पहले से अधिक आसान और तेज होगी. वहीं, अमृत फार्मेसी के जरिए लोगों को सस्ती दरों पर जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराने का काम भी आगे बढ़ाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि कई स्वास्थ्य संस्थानों में सोलर प्लांट लगाने की योजना पर भी काम चल रहा है. इससे बिजली खर्च में कमी आएगी और अस्पतालों को ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत भी मिलेंगे.
महिलाओं की सुरक्षा का रखा जाएगा ध्यान
चरखी दादरी में बन रहे मेडिकल कॉलेज को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है. मंत्री ने बताया कि इस मेडिकल कॉलेज का नाम स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम के नाम पर रखा जाएगा. इससे क्षेत्र के लोगों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं के साथ मेडिकल शिक्षा का भी लाभ मिलेगा. महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री ने साफ कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है. हाल ही में सामने आए एक मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं.
