फरीदाबाद | पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा पिछले वर्ष बाइपास सेक्टर- 7 के पास सरकारी जमीन पर विकसित किया गया इको वन अब बदहाली का शिकार हो गया है. हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए यहां 50 से अधिक पौधे लगाए गए थे. पौधों को बेसहारा पशुओं से बचाने के लिए उनके चारों ओर ट्री गार्ड भी लगाए गए थे लेकिन समय पर देखरेख नहीं होने के कारण अब अधिकांश पौधे सूख चुके हैं.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इको वन तैयार करने के बाद नगर निगम उसके रखरखाव को लगभग भूल गया. नियमित सिंचाई और देखभाल नहीं होने से पौधों की स्थिति लगातार खराब होती गई. अब कुछ शरारती तत्वों ने इस जगह पर कूड़ा फेंकना भी शुरू कर दिया है जिससे पूरे इलाके में गंदगी और बदबू फैलने लगी है.
लोगों ने की ये मांग
इस संबंध में नगर निगम को कई बार शिकायत भी की गई लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. लोगों के मुताबिक, 2025- 26 के दौरान नगर निगम ने शहरभर में पौधरोपण अभियान चलाया था और अलग- अलग ग्रीन बेल्ट में बड़ी संख्या में पौधे लगाए गए थे. उसी अभियान के तहत, सेक्टर- 7 के सामने बाइपास रोड पर भी इको वन विकसित किया गया था.
स्थानीय निवासी हेमंत अग्रवाल का कहना है कि एक साल पहले तैयार किया गया इको वन आज बेहद खराब स्थिति में पहुंच चुका है. सेक्टर के लोग अपने स्तर पर पौधों की देखभाल का प्रयास करते हैं लेकिन कुछ लोग यहां कूड़ा डालकर चले जाते हैं. उनका कहना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ नगर निगम को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.
कूड़ा फेंकने वालों पर निगरानी
वहीं, रवि कुमार का कहना है कि नगर निगम अक्सर पौधरोपण तो कर देता है लेकिन उसके बाद रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जाता. इको वन की मौजूदा स्थिति भी इसी लापरवाही का नतीजा है. अधिकतर पौधे सूख चुके हैं और पूरे क्षेत्र में जगह- जगह कूड़ा फैला हुआ है. नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इको वन के रखरखाव को लेकर संबंधित एसडीओ और जेई से जवाब मांगा जाएगा. साथ ही, कूड़ा फेंकने वालों पर निगरानी रखी जाएगी. उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे पौधों को समय- समय पर पानी देते रहें ताकि गर्मी के मौसम में उन्हें नुकसान न पहुंचे.
