पानीपत | हरियाणा के पानीपत-गोहाना-रोहतक रेलमार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. भारतीय रेलवे इस रेलखंड पर ट्रेनों की अधिकतम गति 65-70 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा करने की तैयारी में है. ट्रैक अपग्रेडेशन का कार्य पूरा हो चुका है और इसकी रिपोर्ट रेलवे के उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है. अब केवल अंतिम मंजूरी मिलने का इंतजार है.
30 मिनट तक कम हो सकता है सफर
करीब 75 किलोमीटर लंबे पानीपत-रोहतक रेलखंड पर वर्तमान में ट्रेनों की गति सीमित होने के कारण यात्रियों को अपेक्षाकृत अधिक समय लगता है. रेलवे की नई योजना लागू होने के बाद इस रूट पर यात्रा का समय लगभग 30 मिनट तक कम हो सकता है. इससे रोजाना नौकरी, व्यापार, शिक्षा और अन्य कार्यों के लिए सफर करने वाले हजारों यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा.
ट्रैक अपग्रेडेशन का कार्य पूरा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रैक की मजबूती, सिग्नलिंग सिस्टम और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को 110 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के अनुरूप तैयार कर लिया गया है. सभी आवश्यक सुधार कार्य पूरे होने के बाद अब रेलवे बोर्ड से अंतिम स्वीकृति मिलना बाकी है. मंजूरी मिलते ही नई गति सीमा लागू कर दी जाएगी.
रेल कनेक्टिविटी होगी और बेहतर
पानीपत से आगे चंडीगढ़ और हरिद्वार की दिशा में तथा रोहतक से आगे कई रेलखंडों पर पहले से ही ट्रेनें 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से संचालित हो रही हैं. ऐसे में पानीपत-रोहतक खंड पर भी समान गति लागू होने से क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी.
इन ट्रेनों को मिलेगा फायदा
इस रेलमार्ग से रोजाना कई महत्वपूर्ण ट्रेनें गुजरती हैं. इनमें एकता एक्सप्रेस, हरिद्वार एक्सप्रेस और गरीब रथ एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं. गति बढ़ने के बाद इन ट्रेनों के यात्रियों को भी कम समय में गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी.
जींद-सोनीपत रेलमार्ग पर भी तैयारी
रेलवे अब जींद-सोनीपत रेलमार्ग पर भी ट्रेनों की गति बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है. वर्तमान में इस ट्रैक पर ट्रेनें लगभग 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती हैं, लेकिन भविष्य में इसे 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के अनुरूप विकसित करने की तैयारी की जा रही है.
निरीक्षण के दौरान मिले थे संकेत
मार्च महीने में दिल्ली मंडल के डीआरएम पुष्पेश रमन त्रिपाठी ने गोहाना और सोनीपत रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया था. उस दौरान उन्होंने रेलमार्गों की क्षमता बढ़ाने और ट्रेनों की गति में सुधार किए जाने के संकेत दिए थे. अब ट्रैक अपग्रेडेशन का कार्य पूरा होने के बाद यात्रियों को जल्द ही तेज और बेहतर रेल सेवा मिलने की उम्मीद है.