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हरियाणा के मछली पालकों को बड़ी राहत, अब तय समय सीमा में मिलेगी सब्सिडी

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने राज्य के मछली पालक किसानों को बड़ी राहत देते हुए मत्स्य पालन से जुड़ी विभिन्न सब्सिडी योजनाओं को समयबद्ध सेवाओं के दायरे में शामिल कर लिया है। अब लाभार्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सब्सिडी का लाभ मिलेगा, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और तेजी आएगी।

सरकार ने मत्स्य पालन विभाग की 11 प्रमुख योजनाओं को हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत शामिल किया है। इस फैसले से हजारों मछली पालकों को सीधे तौर पर फायदा मिलने की उम्मीद है।

40 दिनों में मिलेगी सब्सिडी

नई व्यवस्था के तहत मछली पालकों को ऑटो, फोर-व्हीलर या मिनी ट्रैक्टर-ट्रॉली खरीदने जैसी योजनाओं में 40 दिनों के भीतर सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार का उद्देश्य किसानों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और मत्स्य पालन क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाना है।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना को भी मिला लाभ

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत संचालित कई योजनाओं को भी समयबद्ध सेवाओं में शामिल किया गया है।

इनमें शामिल हैं:

  • जेनेटिक सुधार कार्यक्रम
  • न्यूक्लियस ब्रीडिंग सेंटर (NBC) की स्थापना
  • नवाचार एवं अभिनव गतिविधियां
  • स्टार्टअप और इनक्यूबेटर परियोजनाएं
  • पायलट प्रोजेक्ट्स

इन योजनाओं में पात्र लाभार्थियों को 50 दिनों के भीतर सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को भी शामिल किया गया

सरकार ने प्रशिक्षण, जागरूकता अभियान, अनुभव साझा कार्यक्रम और क्षमता निर्माण गतिविधियों पर मिलने वाली सहायता को भी समयबद्ध सेवा के दायरे में शामिल किया है।

इन योजनाओं का लाभ भी अब अधिकतम 50 दिनों के भीतर दिया जाएगा।

सजावटी मछली पालन को मिलेगा बढ़ावा

राज्य सरकार ने सजावटी (ओर्नामेंटल) मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं को भी प्राथमिकता दी है।

इनमें शामिल हैं:

  • एकीकृत सजावटी फिश यूनिट की स्थापना
  • ताजे पानी की सजावटी मछलियों के ब्रूड बैंक
  • मनोरंजक मत्स्य पालन (Recreational Fisheries)

इन योजनाओं के माध्यम से मछली पालन क्षेत्र में नए रोजगार और आय के अवसर पैदा होंगे।

ई-मार्केटिंग और कोल्ड स्टोरेज पर भी मिलेगी सहायता

मत्स्य उत्पादों के विपणन और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं को शामिल किया है।

इनमें शामिल हैं:

  • मछली एवं मत्स्य उत्पादों की ई-ट्रेडिंग और ई-मार्केटिंग
  • कोल्ड स्टोरेज और आइस प्लांट का आधुनिकीकरण
  • मछली मूल्य संवर्धन इकाइयों की स्थापना
  • मत्स्य सेवा केंद्रों के लिए सहायता

इन सभी योजनाओं में भी लाभार्थियों को 50 दिनों के भीतर सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी।

शिकायत निवारण की व्यवस्था भी तय

सरकार ने शिकायतों के समाधान के लिए स्पष्ट व्यवस्था लागू की है।

  • जिला मत्स्य अधिकारी को नामित अधिकारी बनाया गया है।
  • उप निदेशक मत्स्य प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी होंगे।
  • निदेशक मत्स्य द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी के रूप में कार्य करेंगे।

इससे लाभार्थियों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

मुख्य सचिव को मिला अतिरिक्त प्रभार

राज्य सरकार ने मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा है। नए आदेश जारी होने तक वे इस जिम्मेदारी का निर्वहन करते रहेंगे।

एक नजर में

  • हरियाणा की 11 मत्स्य पालन योजनाएं सेवा का अधिकार अधिनियम में शामिल।
  • ऑटो, मिनी ट्रैक्टर और वाहन खरीद पर 40 दिनों में सब्सिडी।
  • PM मत्स्य संपदा योजना की कई योजनाओं में 50 दिनों के भीतर लाभ।
  • प्रशिक्षण, स्टार्टअप और नवाचार योजनाएं भी शामिल।
  • ई-मार्केटिंग, कोल्ड स्टोरेज और वैल्यू एडिशन योजनाओं को बढ़ावा।
  • शिकायत निवारण के लिए तीन स्तर की व्यवस्था लागू।
  • मछली पालकों को समय पर आर्थिक सहायता मिलने का रास्ता साफ।

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