नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान ने जैव विविधता के संरक्षण, पक्षियों के दस्तावेजीकरण और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा दिया जा रही है, जिससे नई नागरिक विज्ञान पहल ‘संडे बर्ड वॉक @ नेशनल जूलाजिकल पार्क’ की शुरुआत की है. इस कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में पहले ही दिन बड़ी संख्या में पक्षी प्रेमियों, छात्रों और प्रकृति से जुड़े लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया.

प्रसिद्ध पक्षी विज्ञानी डॉ. परितोष अहमद और स्वयंसेवकों के मार्गदर्शन में चयनित प्रतिभागियों ने चिड़ियाघर परिसर का भ्रमण किया. इस दौरान उन्हें वैज्ञानिक तरीकों से पक्षियों की पहचान करना, उनका रिकॉर्ड तैयार करना और जैव विविधता के महत्व को समझने का प्रशिक्षण भी दिया गया.
33 पक्षी प्रजातियों की पहचान
बर्ड वॉक के दौरान प्रतिभागियों ने चिड़ियाघर में कुल 33 पक्षी प्रजातियों की पहचान की जबकि 100 से अधिक पक्षियों का अवलोकन किया गया. इस सूची में भारतीय मोर, पीले पैरों वाला हरा कबूतर, एशियाई कोयल, पेंटेड स्टार्क, ब्लैक- क्राउन नाइट हेरॉन और पर्पल सनबर्ड जैसे आकर्षक पक्षी शामिल रहे. पक्षियों की विविधता ने प्रतिभागियों को प्रकृति के करीब आने का अनूठा अनुभव भी दिया.
पक्षियों का महत्वपूर्ण योगदान
डॉ. परितोष अहमद ने इस अवसर पर पर्यावरण संतुलन में पक्षियों की अहम भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बीज प्रसार, कीट नियंत्रण और परागण जैसी प्राकृतिक प्रक्रियाओं में पक्षियों का महत्वपूर्ण योगदान होता है, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ बना रहता है. चिड़ियाघर प्रबंधन के अनुसार, अब यह बर्ड वॉक प्रत्येक रविवार को नियमित रूप से आयोजित की जाएगी. इसमें केवल 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिक ही भाग ले सकेंगे और प्रत्येक सत्र में अधिकतम 20 सीटें पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर उपलब्ध रहेंगी.
करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
इच्छुक प्रतिभागी प्रत्येक सप्ताह सोमवार से शुक्रवार के बीच चिड़ियाघर की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध गूगल फॉर्म या एनजेडपी सारथी मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. चयनित लोगों को निर्धारित समय पर चिड़ियाघर के प्रवेश द्वार पर रिपोर्ट करना होगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी की इस अनूठी पहल को सफल बनाया जा सके.
