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विश्व पर्यावरण दिवस पर हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान, राज्यभर में लगाए जाएंगे 1.50 करोड़ पौधे

चंडीगढ़: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हरियाणा सरकार ने पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र बढ़ाने और इको-टूरिज्म को प्रोत्साहन देने के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। सरकार ने राज्यभर में 1.50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है, ताकि हरियाणा को अधिक हरित और पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सके।

इसके अलावा, आम नागरिकों और विद्यार्थियों को भी इस अभियान से जोड़ने के लिए विशेष योजना तैयार की गई है।

70 लाख पौधे होंगे निःशुल्क वितरित

सरकार के अनुसार, पौधारोपण अभियान के तहत:

  • 50 लाख पौधे आम लोगों को निःशुल्क वितरित किए जाएंगे।
  • 20 लाख पौधे स्कूली बच्चों को दिए जाएंगे।

इस पहल का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और पौधारोपण को जनआंदोलन बनाना है।

पिपली और भिवानी चिड़ियाघर का होगा आधुनिकीकरण

हरियाणा सरकार ने राज्य के प्रमुख चिड़ियाघरों के विकास के लिए भी बड़े निवेश की घोषणा की है।

पिपली चिड़ियाघर

कुरुक्षेत्र स्थित पिपली चिड़ियाघर का लगभग 70 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण किया जाएगा।

भिवानी चिड़ियाघर

भिवानी चिड़ियाघर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इन परियोजनाओं से वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

सरस्वती संरक्षण वन में बनेगा आधुनिक पक्षी विहार

सरकार ने सरस्वती संरक्षण वन में लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक पक्षी विहार (बर्ड पार्क) विकसित करने की योजना भी बनाई है।

इस परियोजना से प्रवासी और स्थानीय पक्षियों के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा पर्यावरण पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।

कलेसर राष्ट्रीय उद्यान में बढ़ेगा इको-टूरिज्म

यमुनानगर स्थित कलेसर राष्ट्रीय उद्यान में भी इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।

इन परियोजनाओं के तहत:

  • पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
  • प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
  • स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

बनेगा विशेष बर्ड वॉचिंग टूरिज्म सर्किट

पक्षी प्रेमियों और पर्यटकों के लिए हरियाणा सरकार विशेष बर्ड वॉचिंग टूरिज्म सर्किट विकसित करेगी।

इस सर्किट में शामिल होंगे:

  • सुल्तानपुर पक्षी विहार (गुरुग्राम)
  • भिंडावास पक्षी अभयारण्य (झज्जर)
  • कोटला झील

इन तीनों स्थलों को जोड़कर एक आकर्षक पर्यटन मार्ग तैयार किया जाएगा, जिससे प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

प्लास्टिक की जगह होंगे बायोडिग्रेडेबल बैग

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पौधों की नर्सरी में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक बैग की जगह बायोडिग्रेडेबल बैग उपयोग करने का फैसला किया है।

इस कदम से:

  • प्लास्टिक प्रदूषण में कमी आएगी।
  • पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
  • हरित विकास को बढ़ावा मिलेगा।

पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों को मिलेगा लाभ

सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से:

  • राज्य में हरियाली बढ़ेगी।
  • जैव विविधता का संरक्षण होगा।
  • इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
  • स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
  • पर्यटन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

एक नजर में

  • हरियाणा में लगाए जाएंगे 1.50 करोड़ पौधे।
  • 50 लाख पौधे आम लोगों और 20 लाख पौधे विद्यार्थियों को मिलेंगे।
  • पिपली चिड़ियाघर पर 70 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
  • भिवानी चिड़ियाघर के आधुनिकीकरण पर 25 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
  • सरस्वती संरक्षण वन में 55 करोड़ रुपये का आधुनिक पक्षी विहार बनेगा।
  • कलेसर राष्ट्रीय उद्यान में इको-टूरिज्म परियोजनाएं शुरू होंगी।
  • सुल्तानपुर, भिंडावास और कोटला झील को जोड़कर बर्ड वॉचिंग सर्किट विकसित किया जाएगा।
  • प्लास्टिक की जगह बायोडिग्रेडेबल बैग का उपयोग किया जाएगा।

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