भिवानी: आम जनता को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे लाखों परिवारों के मासिक बजट पर असर पड़ने की संभावना है। बढ़ी हुई कीमतों के बाद अब उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर भरवाने के लिए पहले से अधिक राशि खर्च करनी होगी।
29 रुपये महंगा हुआ घरेलू गैस सिलेंडर
जानकारी के अनुसार, घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें लागू होने के बाद अब उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी के लिए 944 रुपये का भुगतान करना होगा।
वहीं, यदि कोई उपभोक्ता गैस एजेंसी के गोदाम से स्वयं सिलेंडर प्राप्त करता है, तो उसे 908.50 रुपये चुकाने होंगे।
आम लोगों में बढ़ी नाराजगी
गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद उपभोक्ताओं में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि पहले से ही खाद्य पदार्थों, सब्जियों, बिजली और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में रसोई गैस महंगी होने से घरेलू खर्च और बढ़ जाएगा।
गृहिणियों के लिए बढ़ी चिंता
गृहिणियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच घर का बजट संभालना पहले ही मुश्किल हो चुका है। अब गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से रसोई का खर्च और बढ़ जाएगा।
विशेष रूप से मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ सकता है, क्योंकि उनकी आय का बड़ा हिस्सा रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में ही खर्च हो जाता है।
अन्य वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है असर
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल घरेलू बजट तक सीमित नहीं रहता। परिवहन और अन्य सेवाओं की लागत बढ़ने से कई वस्तुओं और सेवाओं के दामों में भी वृद्धि हो सकती है।
इससे महंगाई का दबाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
लोगों को राहत का इंतजार
उपभोक्ताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई ने पहले ही उनकी आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ा दिया है। ऐसे में LPG सिलेंडर की कीमतों में हुई नई बढ़ोतरी ने चिंता और बढ़ा दी है।
लोगों को उम्मीद है कि सरकार भविष्य में आम जनता को राहत देने के लिए कुछ कदम उठाएगी, जिससे बढ़ती महंगाई के असर को कम किया जा सके।
एक नजर में
- घरेलू LPG सिलेंडर 29 रुपये महंगा हुआ।
- होम डिलीवरी पर अब चुकाने होंगे 944 रुपये।
- गोदाम से लेने पर कीमत 908.50 रुपये।
- मध्यम और निम्न आय वर्ग पर बढ़ेगा असर।
- घरेलू बजट पर बढ़ सकता है अतिरिक्त बोझ।
- महंगाई को लेकर उपभोक्ताओं में बढ़ी चिंता।