नई दिल्ली | खेती- किसानी करने वाले किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है. अब यूरिया और डीएपी जैसी जरूरी खाद खरीदने के लिए लंबी लाइन में लगने या एक दुकान से दूसरी दुकान तक भटकने की परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है. भारत सरकार ने खाद वितरण व्यवस्था को आसान बनाने के लिए नया मोबाइल ऐप तैयार किया है. फिलहाल इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश के रामपुर और सीतापुर जिलों में पायलट परियोजना के तौर पर की जा रही है.

इस नई डिजिटल व्यवस्था का नाम FFS (फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल) रखा गया है. इसके जरिए किसान अपने आसपास के खाद विक्रेताओं के यहां उपलब्ध स्टॉक की जानकारी मोबाइल पर ही देख सकेंगे. जरूरत के मुताबिक, पहले से खाद की बुकिंग भी कर सकेंगे जिससे बाजार में बार- बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
ऐसे करें यूज
सरकार की योजना के अनुसार, किसान अपनी किसान पहचान संख्या या आधार नंबर के जरिए ऐप में प्रवेश कर सकेंगे. इसके बाद, वे अपने नजदीकी खाद विक्रेता का चयन कर अपनी आवश्यकता के अनुसार खाद आरक्षित कर पाएंगे. बुकिंग पूरी होने पर किसान को एक बुकिंग संख्या और एक क्यूआर कोड मिलेगा. संबंधित दुकान पर जाकर क्यूआर कोड या बुकिंग संख्या दिखाकर पहले से आरक्षित खाद प्राप्त की जा सकेगी.
रहे अलर्ट
नई व्यवस्था से किसानों का समय बचेगा, खाद की उपलब्धता की सही जानकारी आसानी से मिलेगी और भीड़ व अव्यवस्था में कमी आने की उम्मीद है. साथ ही, खरीद- बिक्री का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा, जिससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी. फिलहाल, किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी किसान पहचान संख्या और आधार से जुड़ी जानकारी संभाल कर रखें. मोबाइल नंबर सक्रिय रखें और सरकार की ओर से जारी होने वाले नए निर्देशों पर नजर बनाए रखें. पायलट परियोजना के सफल रहने पर इस व्यवस्था का विस्तार अन्य राज्यों में भी किया जा सकता है.
