ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को लेकर केंद्र सरकार बड़ा बदलाव करने जा रही है। सरकार ने मौजूदा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के स्थान पर नई योजना “विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)” (VB-GRAM-G) लागू करने की घोषणा की है। इस नई योजना का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को केवल मजदूरी तक सीमित न रखकर उसे गांवों के बुनियादी विकास, आजीविका संवर्धन और आत्मनिर्भरता से जोड़ना है।
2005 में शुरू हुई थी नरेगा योजना
ग्रामीण रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (नरेगा) लागू किया गया था। बाद में वर्ष 2010 में इसका नाम बदलकर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) कर दिया गया।
अब वर्ष 2026 में सरकार ने इसे नए स्वरूप और नए नाम के साथ “जी राम जी” (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण) के रूप में लागू करने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि यह योजना रोजगार, आजीविका और ग्रामीण विकास को एक साथ जोड़ने का काम करेगी।
1 जुलाई 2026 से लागू होगी नई व्यवस्था
सरकार के अनुसार नई योजना 1 जुलाई 2026 से देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू की जाएगी। इसके साथ ही मनरेगा अधिनियम को समाप्त मानते हुए नई व्यवस्था के तहत कार्य किए जाएंगे।
रोजगार के दिनों में होगी बढ़ोतरी
अब तक मनरेगा के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाती थी। नई योजना में इस सीमा को बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है।
सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी और रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।
केवल मजदूरी नहीं, विकास कार्यों पर भी रहेगा फोकस
नई योजना के तहत रोजगार के साथ-साथ विकास कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें शामिल हैं:
- जल संरक्षण परियोजनाएं
- ग्रामीण सड़कों का निर्माण
- जल सुरक्षा से जुड़े कार्य
- आजीविका संवर्धन गतिविधियां
- जलवायु परिवर्तन से संबंधित विकास कार्य
- गांवों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाली परियोजनाएं
पुराने जॉब कार्ड रहेंगे मान्य
सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में मनरेगा के तहत चल रहे सभी कार्य नई योजना में स्वतः शामिल हो जाएंगे। इसके अलावा पुराने जॉब कार्ड तब तक वैध रहेंगे, जब तक नए रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं किए जाते।
ग्रामीण विकास को मिलेगी नई दिशा
सरकार का दावा है कि नई योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ-साथ स्थायी विकास को भी बढ़ावा देगी। इससे गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और लोगों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।