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दिल्ली जल बोर्ड का बड़ा फैसला: पानी की सप्लाई को लेकर बनेगी नई नीति, हजारों लोगों को मिलेगा लाभ

नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली में बढ़ती पानी की मांग और कई इलाकों में जल संकट की समस्या को देखते हुए दिल्ली जल बोर्ड (DJB) नई जल वितरण नीति तैयार करने जा रहा है. सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी क्षेत्र को पानी की कमी का सामना न करना पड़े और सभी इलाकों में जरूरत के अनुसार पानी की आपूर्ति हो सके.

आबादी के आधार पर तय होगी पानी की सप्लाई

जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि वर्तमान में कुछ क्षेत्रों में कम आबादी होने के बावजूद अधिक पानी की आपूर्ति की जा रही है, जबकि अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है. इस समस्या को दूर करने के लिए नई नीति तैयार की जा रही है. इसके तहत विभिन्न क्षेत्रों की जनसंख्या, पानी की मांग, उपलब्ध जल आपूर्ति और मौजूदा बुनियादी ढांचे का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा.

पुरानी पाइपलाइनें बदलेगी सरकार

दिल्ली के जल नेटवर्क की कुल लंबाई लगभग 16,634 किलोमीटर है, जिसमें से करीब 5,500 किलोमीटर पाइपलाइनें 30 वर्ष से अधिक पुरानी हो चुकी हैं. इन पुरानी पाइपलाइनों के कारण पानी का रिसाव और प्रदूषण जैसी समस्याएं सामने आती हैं. नई योजना के तहत इन पाइपलाइनों को चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा.

पानी की बर्बादी रोकने पर रहेगा फोकस

दिल्ली जल बोर्ड पानी की चोरी, रिसाव और तकनीकी खामियों के कारण होने वाले नुकसान को कम करने के लिए भी विशेष योजना पर काम कर रहा है. इसके अलावा, डीएसबी नहर को खुली नहर प्रणाली से बंद पाइपलाइन प्रणाली में बदलने पर विचार किया जा रहा है. इस परियोजना के अध्ययन के लिए IIT रुड़की की मदद ली जा रही है.

ड्यूल पाइपिंग सिस्टम को मिलेगा बढ़ावा

सरकार ड्यूल पाइपिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रही है. इसके तहत शोधित सीवेज जल को अलग पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से बागवानी, निर्माण कार्य, वाहन धुलाई और फ्लशिंग जैसे कार्यों में उपयोग किया जाएगा. वहीं, ताजा पेयजल का उपयोग केवल घरेलू और पीने के कार्यों के लिए किया जाएगा. इसकी शुरुआत सरकारी भवनों और सार्वजनिक संस्थानों से की जाएगी.

इन इलाकों से आती हैं सबसे ज्यादा शिकायतें

जल मंत्री के अनुसार, दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से लगभग 12 से 13 क्षेत्रों से सबसे अधिक पानी संबंधी शिकायतें प्राप्त होती हैं. इनमें गोकलपुर, सुल्तानपुरी, उत्तम नगर, घोंडा, बुराड़ी, विकासपुरी, ओखला, देवली, किराड़ी, बदरपुर, संगम विहार, मुस्तफाबाद और करावल नगर प्रमुख हैं.

लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

नई जल वितरण नीति लागू होने के बाद पानी की सप्लाई अधिक संतुलित और व्यवस्थित होने की उम्मीद है. इससे जल संकट वाले क्षेत्रों को राहत मिलेगी, पानी की बर्बादी कम होगी और राजधानी के लाखों लोगों को बेहतर जल आपूर्ति का लाभ मिलेगा.

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